वास्तु शिल्प · SHL-101

भवन भास्कर

Bhavana Bhāskara

गुरुवभगवान विश्वकर्मासंकायवास्तु और शिल्प
इस पाठ्यक्रम के बारे में

भवन भास्कर

भवन भास्कर वास्तुशास्त्र — भवन-निर्माण और निवास की पारम्परिक भारतीय विद्या — की हिन्दी पुस्तिका है, जिसका केन्द्र घर है। शास्त्रीय वास्तु-शिक्षा के आधार पर यह भूमि के चयन और परीक्षण, दिशाओं के अनुसार भवन की स्थिति, वास्तुपुरुष-मण्डल, कक्षों, द्वारों और रसोई की स्थापना तथा वास्तु-दोषों के पारम्परिक उपायों का वर्णन करती है। यह पाठ्यक्रम इन सिद्धान्तों को परम्परा के अनुसार प्रस्तुत करता है, उनके पीछे का तर्क समझाता है, और आपको उन्हें आधुनिक निर्माण-पद्धति के स्थान पर नहीं, बल्कि उसके साथ विवेकपूर्वक अपनाने में सहायता करता है।

आप क्या सीखेंगे

  • वास्तु के मूल सिद्धान्त: दिशाएँ, भूमि और वास्तुपुरुष-मण्डल
  • कक्ष, द्वार और रसोई की स्थापना के पारम्परिक नियम
  • वास्तु में पारम्परिक उपायों की समझ

पाठ

  1. 1परिचय: वास्तु और घर🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
  2. 2दिशाएँ और उनके देवता🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
  3. 3भूमि का चयन और परीक्षण🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
  4. 4वास्तुपुरुष-मण्डल🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
  5. 5कक्ष, द्वार और रसोई की स्थापना🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
  6. 6वास्तु-दोष और पारम्परिक उपाय🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
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