नीति धर्म · NIT-103

चाणक्य सूत्राणि

Cāṇakya Sūtrāṇi

गुरुचआचार्य चाणक्यसंकायनीति और धर्म
इस पाठ्यक्रम के बारे में

चाणक्य सूत्राणि

चाणक्य सूत्राणि राजनीति और आचरण पर संक्षिप्त संस्कृत सूत्रों का संग्रह है, जिसे परम्परा आचार्य चाणक्य की रचना मानती है और जो अर्थशास्त्र के राजनीतिक चिन्तन से निकट से जुड़ा है। 'सुख का मूल धर्म है और धर्म का मूल अर्थ' — इस विचार से आरम्भ होकर ये सूत्र शासन, राजा के आत्म-संयम, मन्त्रणा, सन्धि और व्यावहारिक बुद्धि तक जाते हैं। यह पाठ्यक्रम संस्कृत मूल और हिन्दी टीका सहित १९४६ के संस्करण पर आधारित है, जो संक्षिप्त सूत्रों को ध्यान से पढ़ने और आज के नेतृत्व में उनकी प्रासंगिकता समझने में सहायता करता है।

आप क्या सीखेंगे

  • सुख, धर्म, अर्थ और शासन की शृंखला
  • नेतृत्व, मन्त्रणा और सन्धि पर चाणक्य के विचार
  • संक्षिप्त संस्कृत सूत्रों को पढ़ने और समझने की विधि

पाठ

  1. 1परिचय: चाणक्य और सूत्र-शैली🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
  2. 2सुख, धर्म और अर्थ🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
  3. 3राजा का आत्म-संयम🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
  4. 4मन्त्रणा, मन्त्री और गोपनीयता🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
  5. 5सन्धि, विग्रह और कूटनीति🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
  6. 6आज के नेतृत्व के लिए सीख🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
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