पुराण इतिहास · PUR-107
गरुड़ पुराण
Garuḍa Purāṇa
गरुड़ पुराण
गरुड़ पुराण भगवान विष्णु द्वारा अपने वाहन गरुड़ को दिए गए उपदेश के रूप में है। इसके पहले भाग में पूजा, ज्योतिष, आयुर्वेद, रत्न-परीक्षा और नीति का वर्णन है, जबकि दूसरा भाग, प्रेत-खण्ड, मृत्यु के बाद की स्थिति बताता है — जीव की यात्रा, कर्मफल, अन्त्येष्टि और श्राद्ध। अनेक हिन्दू घरों में शोक के समय इसका पाठ होने के कारण यह बहुत प्रसिद्ध है, पर प्रायः इसे गलत समझा जाता है। यह पाठ्यक्रम इसे इसके अपने सन्दर्भ में ध्यान से पढ़ता है।
आप क्या सीखेंगे
- गरुड़ पुराण के दोनों भाग और उनकी विषय-वस्तु
- मृत्यु, कर्म और पुनर्जन्म पर पारम्परिक शिक्षा
- अन्त्येष्टि और श्राद्ध का अर्थ
पाठ
- 1गरुड़ पुराण: परिचय🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 2विष्णु-गरुड़ संवाद🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 3उपासना, नीति और व्यावहारिक शास्त्र🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 4प्रेत-खण्ड और जीव की यात्रा🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 5कर्म, कर्मफल और पुनर्जन्म🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 6अन्त्येष्टि, श्राद्ध और शोक🔒 नामांकन के बाद खुलेगा