पुराण इतिहास · PUR-108
मार्कण्डेय पुराण
Mārkaṇḍeya Purāṇa
मार्कण्डेय पुराण
मार्कण्डेय पुराण को सामान्यतः प्राचीनतर पुराणों में गिना जाता है। महर्षि जैमिनि महाभारत से जुड़े अपने प्रश्न लेकर मार्कण्डेय के पास जाते हैं, जो उन्हें चार ज्ञानी पक्षियों के पास भेजते हैं। इसी ढाँचे में राजा हरिश्चन्द्र की कथा और रानी मदालसा का अपने पुत्र को उपदेश जैसे प्रसंग आते हैं। इसका सबसे प्रसिद्ध अंश देवी माहात्म्य है, जिसे दुर्गा सप्तशती या चण्डी भी कहते हैं; इसमें असुरों पर देवी की विजय का गान है और यह शाक्त उपासना का केन्द्र है।
आप क्या सीखेंगे
- जैमिनि, मार्कण्डेय और पक्षियों का कथा-ढाँचा
- हरिश्चन्द्र और मदालसा के माध्यम से धर्म-शिक्षा
- देवी माहात्म्य और देवी-उपासना में उसका स्थान
पाठ
- 1मार्कण्डेय पुराण: परिचय🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 2जैमिनि, मार्कण्डेय और ज्ञानी पक्षी🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 3हरिश्चन्द्र और सत्य का मूल्य🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 4मदालसा का उपदेश और मन्वन्तर🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 5देवी माहात्म्य: देवी की तीन विजय🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 6आज की उपासना में दुर्गा सप्तशती🔒 नामांकन के बाद खुलेगा