पुराण इतिहास · PUR-114
नारद पुराण
Nārada Purāṇa
नारद पुराण
नारद पुराण, जिसे नारदीय पुराण भी कहते हैं, दो भागों वाला वैष्णव पुराण है। इसके पहले भाग में सनत्कुमार और उनके भाई नारद को भक्ति, धर्म और मोक्ष का उपदेश देते हैं तथा वेदांगों — शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, ज्योतिष और छन्द — का परिचय कराते हैं। अठारहों पुराणों की विषय-सूची देने के कारण इसका विशेष महत्त्व है, और इसका उत्तर भाग एकादशी जैसे व्रतों तथा तीर्थों की महिमा गाता है। यह सम्पूर्ण पौराणिक साहित्य का उपयोगी मानचित्र है।
आप क्या सीखेंगे
- सनत्कुमार और उनके भाइयों का नारद को उपदेश
- छह वेदांगों का परिचय
- अठारहों पुराणों का सार
पाठ
- 1नारद पुराण: परिचय🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 2नारद, सनत्कुमार और संवाद🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 3भक्ति, धर्म और मोक्ष🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 4वेदांगों का परिचय🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 5अठारह पुराणों का सार🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 6एकादशी, व्रत और तीर्थ🔒 नामांकन के बाद खुलेगा