पुराण इतिहास · PUR-104
पद्म पुराण
Padma Purāṇa
पद्म पुराण
पद्म पुराण सबसे विशाल पुराणों में से एक है, जिसका नाम उस कमल पर है जिससे सृष्टि के आरम्भ में ब्रह्मा प्रकट होते हैं। यह एक से अधिक पाठ-परम्पराओं में मिलता है और सृष्टि, भूमि, स्वर्ग, पाताल तथा उत्तर जैसे खण्डों में व्यवस्थित है। सृष्टि-वर्णन के साथ इसमें तीर्थ-माहात्म्य, एकादशी जैसे व्रत, वैष्णव भक्ति और गीता-माहात्म्य संकलित हैं, जो भगवद्गीता के प्रत्येक अध्याय की महिमा गाता है। यह तीर्थयात्रा, व्रत और भक्ति-कथाओं के संसार का द्वार खोलता है।
आप क्या सीखेंगे
- पद्म पुराण के खण्ड और उसकी पाठ-परम्पराएँ
- तीर्थ, व्रत और दैनिक धर्म में उनका स्थान
- वैष्णव भक्ति और गीता-माहात्म्य
पाठ
- 1पद्म पुराण: परिचय🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 2कमल, ब्रह्मा और सृष्टि🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 3भूमि, स्वर्ग और पाताल🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 4पवित्र तीर्थ और तीर्थयात्रा🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 5व्रत, एकादशी और अनुष्ठान🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 6विष्णु-भक्ति और गीता-माहात्म्य🔒 नामांकन के बाद खुलेगा