पुराण इतिहास · PUR-124
पुराण शोध
Research report on Purāṇas
पुराण शोध
पुराण संस्कृत ग्रन्थों का विशाल समूह हैं, जिनमें हिन्दू परम्परा की कथाएँ, वंशावलियाँ, सृष्टि-विज्ञान, अनुष्ठान और पवित्र भूगोल सुरक्षित हैं। यह पाठ्यक्रम पूरी पौराणिक विधा का सर्वेक्षण करता है: पुराण के पाँच पारम्परिक लक्षण, अठारह महापुराणों और उपपुराणों की सूचियाँ, सूत-परम्परा की भूमिका, और यह कि ये ग्रन्थ अनेक शताब्दियों में कैसे संचरित, विस्तारित और संशोधित हुए। साथ ही यह इनके काल-निर्धारण पर विद्वानों की बहसों और शेष अनिश्चितताओं का ईमानदार परिचय भी देता है।
आप क्या सीखेंगे
- पञ्चलक्षण: पुराण के पाँच पारम्परिक लक्षण
- अठारह महापुराण, उपपुराण और उनका वर्गीकरण
- काल-निर्धारण, पाठ-भेद और रचयिता पर विद्वानों की दृष्टि
पाठ
- 1पुराण: परिचय🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 2पुराण के पाँच लक्षण🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 3अठारह महापुराण और उपपुराण🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 4सूत, कथा-वाचन और परम्परा🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 5पाठ-भेद, विस्तार और संशोधन🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 6काल-निर्धारण और आधुनिक शोध🔒 नामांकन के बाद खुलेगा