योग · YOG-102
शिव संहिता
Śiva Saṃhitā
शिव संहिता
शिव संहिता हठयोग का एक प्रतिष्ठित ग्रन्थ है, जो पार्वती को शिव के उपदेश के रूप में प्रस्तुत है; इसके मानवीय रचयिता अज्ञात हैं। इसमें आत्मा की वेदान्तीय दृष्टि के साथ सूक्ष्म शरीर, नाड़ियों और चक्रों, प्राणायाम, मुद्राओं तथा चुने हुए आसनों का विस्तृत व्यावहारिक निर्देश है, और यह योग को संन्यासियों के साथ-साथ गृहस्थों के लिए भी सुलभ बताती है। हिन्दी टीका सहित इसका अध्ययन दिखाता है कि मध्यकालीन योगी शरीर, प्राण और मोक्ष को कैसे समझते थे। साधनाएँ परम्परा के अनुसार बताई जाती हैं; इन्हें योग्य गुरु के मार्गदर्शन में करना श्रेष्ठ है।
आप क्या सीखेंगे
- सूक्ष्म शरीर: नाड़ी, चक्र और प्राण
- प्राणायाम, मुद्रा और आसन की पारम्परिक शिक्षा
- हठयोग में शरीर, प्राण और मोक्ष का सम्बन्ध
पाठ
- 1परिचय: शिव संहिता🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 2दार्शनिक आधार🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 3सूक्ष्म शरीर: नाड़ी और चक्र🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 4प्राणायाम और उसकी अवस्थाएँ🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 5मुद्राएँ और आसन🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 6गृहस्थ के लिए योग और परम लक्ष्य🔒 नामांकन के बाद खुलेगा