पुराण इतिहास · PUR-102
विष्णु पुराण
Viṣṇu Purāṇa
विष्णु पुराण
विष्णु पुराण को प्रायः सबसे सुगठित और शास्त्रीय रूप वाले पुराणों में गिना जाता है। छह अंशों में महर्षि पराशर अपने शिष्य मैत्रेय के प्रश्नों का उत्तर देते हैं — सृष्टि की उत्पत्ति, पृथ्वी का भूगोल, मन्वन्तर, राजवंश और भगवान विष्णु के कर्म। अन्त में श्रीकृष्ण-चरित और प्रलय का वर्णन है। यह समझने के लिए कि पुराण की रचना कैसे होती है और विष्णु को पालनकर्ता क्यों माना जाता है, यह एक आदर्श आरम्भ है।
आप क्या सीखेंगे
- पुराण के पाँच लक्षण किसी ग्रन्थ को कैसे गढ़ते हैं
- पौराणिक सृष्टि-विज्ञान, भूगोल और काल-चक्र
- ध्रुव, प्रह्लाद और श्रीकृष्ण की कथाएँ
पाठ
- 1विष्णु पुराण: परिचय🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 2पराशर-मैत्रेय संवाद🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 3सृष्टि और विष्णु का स्वरूप🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 4लोक, पृथ्वी और काल-चक्र🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 5राजवंश, ध्रुव और प्रह्लाद🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 6श्रीकृष्ण-चरित और प्रलय🔒 नामांकन के बाद खुलेगा