पुराण इतिहास · PUR-106
अग्नि पुराण
Agni Purāṇa
अग्नि पुराण
अग्नि पुराण स्वयं को अग्निदेव द्वारा महर्षि वसिष्ठ को दिया गया उपदेश बताता है। यह पुराणों में सबसे अधिक विश्वकोशीय है। विष्णु के अवतारों तथा रामायण और महाभारत के सारांश के अतिरिक्त इसमें मन्दिर-निर्माण, प्रतिमा-विधान, पूजा और अनुष्ठान, राजनीति, धर्मशास्त्र, आयुर्वेद, रत्न-परीक्षा, व्याकरण, छन्द और काव्यशास्त्र तक के विषय हैं। इसका अध्ययन उन ज्ञान-परम्पराओं का व्यापक चित्र देता है जिन्हें यह पुराण सहेजना चाहता था।
आप क्या सीखेंगे
- एक ही पुराण में संकलित अनेक शास्त्र
- मन्दिर, प्रतिमा और अनुष्ठान पर पारम्परिक शिक्षा
- राजनीति, काव्यशास्त्र और व्याकरण पर शास्त्रीय दृष्टि
पाठ
- 1अग्नि पुराण: परिचय🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 2अग्नि, वसिष्ठ और अवतार-कथा🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 3मन्दिर-वास्तु और प्रतिमा-विधान🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 4पूजा, अनुष्ठान और दीक्षा🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 5राजनीति, धर्मशास्त्र और आयुर्वेद🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 6व्याकरण, छन्द और काव्यशास्त्र🔒 नामांकन के बाद खुलेगा