भक्ति स्तोत्र · BHK-101
दुर्गा सप्तशती
Durgā Saptaśatī
दुर्गा सप्तशती
दुर्गा सप्तशती, जिसे देवी माहात्म्य भी कहते हैं, मार्कण्डेय पुराण का वह अंश है जिसके सात सौ श्लोक देवी को परम शक्ति के रूप में प्रतिष्ठित करते हैं। तेरह अध्यायों में महर्षि मेधा राजा सुरथ और समाधि वैश्य को देवी की तीन महान विजयों की कथा सुनाते हैं: मधु-कैटभ, महिषासुर तथा शुम्भ-निशुम्भ पर विजय। विशेषकर नवरात्र में पाठ की जाने वाली सप्तशती शाक्त उपासना का आधार-स्तम्भ है। यह पाठ्यक्रम इसकी कथा, दर्शन और पारम्परिक पाठ-विधि का अध्ययन कराता है।
आप क्या सीखेंगे
- मूल कथा-प्रसंग और देवी के तीन चरित्र
- स्तुतियों में व्यक्त शक्ति-दर्शन
- सप्तशती-पाठ की पारम्परिक विधि
पाठ
- 1परिचय: देवी माहात्म्य और उसका प्रसंग🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 2सुरथ, समाधि और मेधा का उपदेश🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 3प्रथम चरित्र: मधु-कैटभ वध🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 4मध्यम चरित्र: महिषासुर वध🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 5उत्तम चरित्र: शुम्भ-निशुम्भ वध🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 6स्तुतियाँ, पाठ-विधि और नवरात्र🔒 नामांकन के बाद खुलेगा