भक्ति स्तोत्र · BHK-105
श्री हरिनाम महामन्त्र
Harināma Mahāmantra
श्री हरिनाम महामन्त्र
भगवान के सोलह नामों वाला हरे कृष्ण महामन्त्र कलिसन्तरण उपनिषद् में मिलता है, जो कलियुग के लिए भगवन्नाम-कीर्तन को उपयुक्त मार्ग बताता है। श्री चैतन्य महाप्रभु ने सामूहिक नाम-संकीर्तन को अपने आन्दोलन का केन्द्र बनाया। यह पाठ्यक्रम महामन्त्र के प्रत्येक नाम का अर्थ, नाम-भक्ति का शास्त्रीय आधार, जप और कीर्तन का अन्तर, तथा एकाग्रता से नाम लेने और नामापराध से बचने के पारम्परिक निर्देश समझाता है।
आप क्या सीखेंगे
- महामन्त्र में हरे, कृष्ण और राम का अर्थ
- भगवन्नाम-जप का शास्त्रीय आधार
- जप और कीर्तन के व्यावहारिक निर्देश
पाठ
- 1परिचय: नाम की महिमा🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 2कलिसन्तरण उपनिषद्🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 3सोलह नामों का अर्थ🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 4श्री चैतन्य और नाम-संकीर्तन🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 5व्यवहार में जप और कीर्तन🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 6एकाग्र नाम-जप: नामापराध से बचाव🔒 नामांकन के बाद खुलेगा