पुराण इतिहास · PUR-122
महाभारत
Mahābhārata with Gītā
महाभारत
परम्परा से महर्षि व्यास-रचित माना जाने वाला महाभारत संसार के सबसे लम्बे काव्यों में से है। अठारह पर्वों में यह पाण्डवों और कौरवों की प्रतिद्वन्द्विता, द्यूत-क्रीड़ा, वनवास और कुरुक्षेत्र के महायुद्ध की कथा कहता है, और इसमें धर्म पर अनगिनत कथाएँ और उपदेश गुँथे हैं। इसके हृदय में, भीष्म पर्व में, भगवद्गीता है — अर्जुन को श्रीकृष्ण का उपदेश। विद्वानों के अनुसार यह महाकाव्य कई शताब्दियों में विकसित हुआ। यह पाठ्यक्रम महाभारत और गीता को साथ-साथ पढ़ता है।
आप क्या सीखेंगे
- अठारह पर्वों की कथा और संरचना
- पात्रों के सामने आए धर्म-संकट
- महाकाव्य के सन्दर्भ में भगवद्गीता
पाठ
- 1महाभारत: परिचय🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 2कुरुवंश और प्रतिद्वन्द्वी भाई🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 3द्यूत-क्रीड़ा, वनवास और द्रौपदी🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 4रणभूमि में भगवद्गीता🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 5कुरुक्षेत्र का युद्ध और उसके बाद🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 6भीष्म के उपदेश और अन्तिम यात्रा🔒 नामांकन के बाद खुलेगा