भक्ति स्तोत्र · BHK-109
मङ्गलाचरण
Maṅgalācaraṇa
मङ्गलाचरण
भारतीय परम्परा में अध्ययन और उपासना का आरम्भ मङ्गलाचरण से होता है, जिसमें विघ्नों के निवारण और कार्य की सफलता के लिए परमात्मा, गुरु और विद्या के देवताओं का स्मरण किया जाता है। यह पाठ्यक्रम गणेश, सरस्वती और गुरु की वन्दना तथा 'ॐ सह नाववतु' जैसे उपनिषदों के शान्ति-मन्त्रों जैसे प्रिय मङ्गलाचरणों को एकत्र करता है। आप इनका अर्थ, शुद्ध उच्चारण और इस परम्परा के पीछे का कारण सीखेंगे, ताकि अध्ययन का हर सत्र समझ के साथ आरम्भ हो।
आप क्या सीखेंगे
- अध्ययन और उपासना में मङ्गलाचरण का प्रयोजन
- प्रसिद्ध वन्दनाओं और शान्ति-मन्त्रों का अर्थ व उच्चारण
- उचित मङ्गलाचरण से अध्ययन या पूजा आरम्भ करना
पाठ
- 1परिचय: मङ्गलाचरण से आरम्भ क्यों🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 2गणेश वन्दना: विघ्नों का निवारण🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 3सरस्वती वन्दना: विद्या की देवी🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 4गुरु वन्दना: आचार्य का सम्मान🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 5उपनिषदों के शान्ति-मन्त्र🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 6मङ्गलाचरण का पाठ: उच्चारण और अभ्यास🔒 नामांकन के बाद खुलेगा