नीति धर्म · NIT-104
पञ्चतन्त्र
Pañcatantra
पञ्चतन्त्र
पञ्चतन्त्र विष्णु शर्मा को समर्पित कथाओं का प्रसिद्ध संग्रह है। इसकी मुख्य कथा के अनुसार उन्होंने एक राजा के मन्दबुद्धि पुत्रों को पशु-पक्षियों की कहानियों के माध्यम से नीति — व्यावहारिक बुद्धि — सिखाई। इसके पाँच तन्त्र मित्र खोने, मित्र पाने, युद्ध और सन्धि, पाई हुई वस्तु खो देने, और बिना विचारे कार्य करने के विषयों पर हैं। कथाओं के भीतर कथाएँ चलती हैं और हर सीख को सारगर्भित श्लोक धार देते हैं। सदियों से अनेक भाषाओं में अनूदित यह ग्रन्थ आज भी विवेक, सावधानी और समझदारी से जीने की कला सीखने का आनन्दपूर्ण माध्यम है।
आप क्या सीखेंगे
- पञ्चतन्त्र की मुख्य कथा और पाँच तन्त्र
- मित्रता, संघर्ष, सावधानी और विवेक की सीख
- कथा-के-भीतर-कथा और श्लोकों से नीति-शिक्षा
पाठ
- 1परिचय: विष्णु शर्मा और राजकुमार🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 2मित्रभेद: मित्रों का बिछड़ना🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 3मित्रसम्प्राप्ति: मित्रों की प्राप्ति🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 4काकोलूकीय: युद्ध और सन्धि🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 5लब्धप्रणाश: पाया हुआ खो देना🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 6अपरीक्षितकारक: बिना विचारे कार्य🔒 नामांकन के बाद खुलेगा