वेद विद्या · VED-101

ऋग्वेद

Rigveda

गुरुपमहर्षि पैलसंकायवैदिक अध्ययन
इस पाठ्यक्रम के बारे में

ऋग्वेद

ऋग्वेद चारों वेदों में सबसे प्राचीन है और विश्व के प्राचीनतम ग्रन्थों में गिना जाता है। दस मण्डलों में व्यवस्थित इसके 1,028 सूक्तों को ऋषि-परिवारों ने सहस्राब्दियों तक मौखिक परम्परा से सुरक्षित रखा। इनमें अग्नि, इन्द्र, सोम, वरुण, उषा आदि देवताओं की स्तुति है, और नासदीय तथा पुरुष सूक्त जैसे गहन दार्शनिक चिन्तन भी। महर्षि पैल की परम्परा में चलने वाला यह पाठ्यक्रम आपको सूक्त-दर-सूक्त इसकी भाषा, संरचना और दृष्टि से परिचित कराता है।

आप क्या सीखेंगे

  • दस मण्डलों और ऋषि-परिवारों की व्यवस्था
  • प्रमुख देवता और मुख्य सूक्तों का अर्थ
  • ऋषि, देवता और छन्द सहित मन्त्र पढ़ने की विधि

पाठ

  1. 1परिचय: ऋग्वेद में प्रवेश🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
  2. 2मण्डल, सूक्त और ऋषि-परिवार🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
  3. 3अग्नि: पवित्र यज्ञाग्नि🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
  4. 4इन्द्र, सोम और वैदिक ब्रह्माण्ड🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
  5. 5वरुण, ऋत और विश्व-व्यवस्था🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
  6. 6नासदीय और पुरुष: सृष्टि के सूक्त🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
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