पुराण इतिहास · PUR-103
शिव पुराण
Śiva Purāṇa
शिव पुराण
शिव पुराण शैव भक्ति का प्रमुख ग्रन्थ है, जिसे सूत जी नैमिषारण्य के ऋषियों को सुनाते हैं। यह कई संहिताओं में विभक्त है, जिनकी संख्या और क्रम अलग-अलग संस्करणों में भिन्न मिलते हैं। इसमें शिव की सर्वोच्चता, शिव-पार्वती विवाह, कार्तिकेय और गणेश का जन्म, द्वादश ज्योतिर्लिंग तथा लिंग-पूजा, रुद्राक्ष और भस्म का महत्त्व वर्णित है। इसका अध्ययन शिव-उपासना की कथाओं और पूरे भारत में जीवित उसकी परम्परा, दोनों को समझाता है।
आप क्या सीखेंगे
- शिव पुराण की संहिताएँ और संस्करणों के अन्तर
- शिव-पार्वती कथा और उनके पुत्रों का जन्म
- ज्योतिर्लिंग, लिंग-पूजा और शैव व्रत
पाठ
- 1शिव पुराण: परिचय🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 2शिव की सर्वोच्चता और अग्नि-लिंग🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 3सती, पार्वती और शिव-विवाह🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 4कार्तिकेय, गणेश और शिव-लीलाएँ🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 5द्वादश ज्योतिर्लिंग🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 6शैव उपासना, व्रत और भक्ति🔒 नामांकन के बाद खुलेगा