तन्त्र · TAN-102

शिव स्वरोदय

Śiva Svarodaya

गुरुशआदियोगी शिवसंकायतंत्र
इस पाठ्यक्रम के बारे में

शिव स्वरोदय

शिव स्वरोदय स्वर-योग का एक पारम्परिक ग्रन्थ है, जो शिव और पार्वती के संवाद के रूप में प्रस्तुत है। यह सिखाता है कि श्वास किस नासिका से चल रही है — इड़ा (बायीं, चन्द्र), पिंगला (दायीं, सूर्य) या सुषुम्ना (दोनों) — इसका निरीक्षण कैसे करें, और प्रत्येक स्थिति को तत्त्वों तथा विभिन्न कार्यों के अनुकूल समय से जोड़ता है। यह पाठ्यक्रम ग्रन्थ को श्वास-सजगता और समय-विचार की परम्परा के रूप में निष्ठापूर्वक समझाता है, जिसे चिकित्सा या भविष्यवाणी की निश्चितता के बजाय चिन्तनशील साधना के रूप में अपनाया जाए।

आप क्या सीखेंगे

  • तीन स्वर: इड़ा, पिंगला और सुषुम्ना
  • ग्रन्थ में श्वास, तत्त्व और समय का सम्बन्ध
  • श्वास-निरीक्षण की सरल और सुरक्षित विधियाँ

पाठ

  1. 1परिचय: स्वर का विज्ञान🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
  2. 2शिव-पार्वती संवाद🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
  3. 3इड़ा, पिंगला और सुषुम्ना🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
  4. 4श्वास में पञ्च तत्त्व🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
  5. 5स्वर और कार्य का उचित समय🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
  6. 6आज के जीवन में श्वास-सजगता🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
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