योग · YOG-103
स्वर विज्ञान
Svara Vijñāna
स्वर विज्ञान
स्वर विज्ञान, अर्थात् श्वास का पारम्परिक विज्ञान, बाएँ और दाएँ नासिका-छिद्र से चलने वाले श्वास-प्रवाह का अध्ययन है, जिन्हें इड़ा और पिंगला नाड़ियों से तथा सन्तुलित अवस्था को सुषुम्ना से जोड़ा जाता है। योग और तन्त्र की स्वरोदय-परम्परा पर आधारित यह विद्या सिखाती है कि कौन-सा स्वर चल रहा है, इसे कैसे पहचानें, और परम्परा इसे दैनिक कार्यों, समय और मनःस्थिति से कैसे जोड़ती है। यह परिचयात्मक पाठ्यक्रम इन शिक्षाओं को आत्म-निरीक्षण की पारम्परिक पद्धति के रूप में प्रस्तुत करता है, प्रमाणित चिकित्सा-विज्ञान के रूप में नहीं, और साथ में सरल, सुरक्षित श्वास-जागरूकता अभ्यास देता है।
आप क्या सीखेंगे
- स्वर-परम्परा में इड़ा, पिंगला और सुषुम्ना
- दिन भर चलते स्वर को पहचानने की विधि
- समय और आचरण में स्वर के पारम्परिक प्रयोग
पाठ
- 1परिचय: स्वर विज्ञान क्या है?🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 2प्राण और तीन प्रमुख नाड़ियाँ🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 3श्वास-प्रवाह का निरीक्षण🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 4स्वर और दिन की लय🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 5दैनिक जीवन में पारम्परिक प्रयोग🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 6श्वास-जागरूकता का अभ्यास🔒 नामांकन के बाद खुलेगा