दर्शन उपनिषद् · DAR-101
१०८ उपनिषद्
108 Upaniṣads (Sanskrit)
१०८ उपनिषद्
मुक्तिकोपनिषद् में, जो श्रीराम द्वारा हनुमान को दिए उपदेश के रूप में है, १०८ उपनिषदों की सूची मिलती है, जिन्हें उनके वेद के अनुसार क्रमबद्ध किया गया है। इस संग्रह में प्राचीन प्रमुख उपनिषदों के साथ वेदान्त, संन्यास, योग तथा शिव, विष्णु और देवी-भक्ति से जुड़े परवर्ती उपनिषद् भी सम्मिलित हैं। उपनिषद् ब्रह्मम् की टीका के साथ मूल संस्कृत में इनका अध्ययन उपनिषद्-चिन्तन का विस्तृत दर्शन कराता है — ब्रह्म और आत्मा का स्वरूप, मोक्ष के मार्ग, और यह कि एक परम्परा अनेक शताब्दियों में कैसे विकसित हुई।
आप क्या सीखेंगे
- मुक्तिका-परम्परा के १०८ उपनिषदों का वर्गीकरण
- ब्रह्म, आत्मा और मोक्ष पर उपनिषदों की मूल शिक्षा
- टीका की सहायता से उपनिषदों की संस्कृत पढ़ना
पाठ
- 1परिचय: मुक्तिका-परम्परा🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 2प्रमुख उपनिषद्🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 3सामान्य वेदान्त उपनिषद्🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 4संन्यास और योग उपनिषद्🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 5शैव, वैष्णव और शाक्त उपनिषद्🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
- 6साझा सूत्र: ब्रह्म और मोक्ष🔒 नामांकन के बाद खुलेगा