भक्ति स्तोत्र · BHK-107

श्री व्रज मण्डल परिक्रमा

Vraja Maṇḍala Parikramā

गुरुनदेवर्षि नारदसंकायभक्ति और स्तोत्र
इस पाठ्यक्रम के बारे में

श्री व्रज मण्डल परिक्रमा

मथुरा के आसपास का व्रज-क्षेत्र, जहाँ श्रीकृष्ण ने अपना बचपन और किशोरावस्था बिताई, भक्तों के लिए सबसे पवित्र भूमियों में से है। व्रज मण्डल परिक्रमा, जो परम्परा से चौरासी कोस की मानी जाती है, यात्रियों को मथुरा, वृन्दावन, गोकुल, गोवर्धन, बरसाना, नन्दगाँव और पावन वनों से होकर ले जाती है। यह पाठ्यक्रम एक तीर्थयात्री की मार्गदर्शिका है: हर स्थान से जुड़ी कथाएँ, परिक्रमा का अर्थ और मर्यादा, तथा प्रत्यक्ष या भावना में श्रद्धा और समझ के साथ यात्रा करने की रीति।

आप क्या सीखेंगे

  • व्रज के प्रमुख तीर्थ और उनसे जुड़ी कथाएँ
  • परिक्रमा का अर्थ और पारम्परिक विधि
  • श्रद्धापूर्ण, सार्थक तीर्थयात्रा की योजना

पाठ

  1. 1परिचय: व्रज और परिक्रमा का भाव🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
  2. 2मथुरा और गोकुल: जन्म और बाल-लीला🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
  3. 3वृन्दावन: वन, मन्दिर और रास🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
  4. 4गोवर्धन: गिरिराज और उनकी परिक्रमा🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
  5. 5बरसाना और नन्दगाँव: श्रीराधा का व्रज🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
  6. 6यात्री-धर्म: मर्यादा, ऋतुएँ और उत्सव🔒 नामांकन के बाद खुलेगा
व्हाट्सऐप